
आगामी राष्ट्रीय चुनाव से पहले बांग्लादेश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहराती जा रही है. बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कहा है कि देशभर में अल्पसंख्यक समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है और चुनावी माहौल में डर और अनिश्चितता बढ़ रही है. संगठन का कहना है कि चुनाव के समय अल्पसंख्यकों को अक्सर धमकियों, हमलों और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जिससे वे मतदान केंद्र तक जाने से भी हिचकते हैं. संभव है कि इसी वजह से अल्पसंख्यकों को वोटिंग करने को ही न मिले. ढाका के CIRDAP ऑडिटोरियम में आयोजित एक राउंडटेबल चर्चा के दौरान परिषद के कार्यवाहक महासचिव मणिंद्र कुमार नाथ ने कहा कि अगर सरकार और चुनाव आयोग अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहते हैं, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सीधा असर पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह आचार संहिता का उल्लंघन कर धर्म का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और ज्यादा संवेदनशील हो गया है.
